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सेन्सेइ से पूछें

जापानी भाषा अच्छी तरह बोलने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (पाठ 48)

इस एक साल में हमने जापानी भाषा के मूल नियम सीखे।

जापानी में बात करते समय यह ध्यान रखना होता है कि औपचारिक तरीक़े का इस्तेमाल करना है या अनौपचारिक तरीक़े का और यह इस बात पर निर्भर करता है कि सुनने वाले से आपका क्या सम्बन्ध है। आन्ना जब विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर, छात्रावास की प्रभारी या साकुरा जैसे, पद या उम्र में अपने से बड़ों से बात करती थीं तब हमेशा विनम्र तरीक़े का इस्तेमाल करती थीं। जबकि अपने सहपाठी रोड्रिगो के साथ, वह शुरू में 'देसु' या 'मासु' लगाकर विनम्र तरीक़े से बात करती थीं और बाद में जब उनकी दोस्ती हो गई तब वह अनौपचारिक तरीक़े का प्रयोग करने लगीं।

भाषा, विचारों का आदान-प्रदान करने का साधन है। सही व्याकरण जानते हुए भी, अगर उसका इस्तेमाल सही जगह सही तरीक़े से न किया जाए तो सम्बन्ध बिगड़ भी सकते हैं। दूसरी तरफ़, व्याकरण की थोड़ी-बहुत गलतियाँ होने के बावजूद, औपचारिक या अनौपचारिक तरीक़े से बात करने की कोशिश करने से आपकी यह भावना दूसरों तक पहुँच सकती है कि आप सम्बन्ध बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

बोलने से ही अभ्यास होगा, इसलिए जितना हो सके जापानी भाषा में बोलिए। और दिल लगाकर पढ़ाई करते रहिए।
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